(121)
बां – बेट्टा रोव्वीं कां पल्ला का मास्टरां नूं घणे बुख्खार हुत्ती गेल्ले।
बेट्टा – का बावड़े अब्बा, मास्टर ता आच्छा हुव्वे पल्ला।
(122)
(121)
बां – बेट्टा रोव्वीं कां पल्ला का मास्टरां नूं घणे बुख्खार हुत्ती गेल्ले।
बेट्टा – का बावड़े अब्बा, मास्टर ता आच्छा हुव्वे पल्ला।
(122)
(111) चार छोरे मोटर सेंकल पे ब़ेहली जायी पलती ली,
ओ बेल्हे वान्हूं पुलिस आल्ले ने रोकले।
पुलिस आल्ला- तम्हां सारा नूं पत्ता कोन्हीं का? मोटर सेंकल पे तीन सवारिया ब़ेसी वी, तम्हीं ता चार जिणे ब़ेहले फिर्रा।
(101) पण्डत छोरा चा हाथ डेखती कन्न ब़ोड़ला, “पूत तू घणा पड़े।”
छोर- बाबा, पड़े ता में चऊं साला कन्नू पल्ला, मन्नू हा बावेड़ कि में पास कड्डण हुवी।
(91) जुवान- जज साब, में आपणी घराल्ली कन्नू तलाक गेहणा चहावे, कांकि वा माये लारे पिछले हेक्के साल कन्नू कोन्हीं ब़ोड़ली।
जज- हेक वारी नेरे सोचत्ती गेहे, कांकि इसड़ी घराल्ली नसीब आल्ला नूं मिले वे।
(81) टब़री- मोण्स चा झगड़ा हुल्ला ता मोण्स घरू चाहला गेल्ला।
मोण्स ने राती चे फून पे पूछले, खाणे मां आज का बणाले?
टब़री- जेर।
मोण्स- में घणी देरी लारे आवी, तू खाती कन्न नुहती रिहो।
टब़री बेहोस।
(71) मास्टरा ने परिक्सा मां ब़ाला नूं चऊं पन्ना चा निबन्ध लिखणे कल्ले डिल्ला, विस्य हुत्ता आलस का छे?
हेक्के छोरा ने तीन पन्नी खाली छोड़ती डिल्ली ता चोथे पन्ने मां बडे-बडे अक्खरा मां लिखले की “हा आलस छे।”
(61) सवारी (रेलगड्डी चे गाड नूं)- में चहा पीणा चहावे। कुई इसड़ा उपाय बावेड़ कि माये आवणे तक रेलगड्डी ना चलो पल्ली।
गाड- हंसती कन्न- बडा सीद्धा उपाय छे, मन्नू वी आपणे लारे गेहली चाल।
(51) हेक्की रेलगड्डी तले साओ सरदार आती गेल्ले।
निन्याणवे मरती गेल्ले- -- हेक सरदार बचती गेल्ला।
रिपोटर ने पूछले ईं का हुल्ले?
(41) छ्वेरी आल्ले- अम्हांनू छोर पसन्द कोन्हीं
छोरा आल्ले- जी, ईं पसन्द ता अम्हांनू वी कोन्हीं, हिम्मा का करू एन्हूं घरू निकालती छोड़ू का।
(31) गुरजी- घणी तिक्खी हवायी लारे मीं हुवे पल्ला--। एच्चा भविसयकाल का हुवी बावड़ा?
पप्पू- हिम्मा लेट जायी।
कोपीराईट 2020 निरमान- सारे अधकार सुरकसित छी
हिमकी टिपणी