(101) पण्डत छोरा चा हाथ डेखती कन्न ब़ोड़ला, “पूत तू घणा पड़े।”
छोर- बाबा, पड़े ता में चऊं साला कन्नू पल्ला, मन्नू हा बावेड़ कि में पास कड्डण हुवी।
(102) मालिक- नोकर नूं, आज तू रोटी पे कितने सारे घीं लाती डिल्ले।
नोकर- साब माफ करती डे सेद मन्नू लागे कि में आपणी रोटी तन्नू डिल्ली जत्ती।
(103) टिकट चेक करणे आल्ला ब़ोड़ला, अम्मा जी, दुद्धा टिकट ता होले-होले चलणे आल्ली गड्डी चां छे, तू घणी तिक्खे चलणे आल्ली गड्डी मां कां ब़ेसती रहली।
अम्मा- एच्चे मां मायी का गलती छे, जत्ती कन्न डरेवर नूं कहे गड्डी होले चला।
(104) हेक चोर जुवान चा फून चत्ती कन्न दरोड़ता जाये ला ता ओ हंसू लागती गेल्ला।
नेरा जुवान ब़ोड़ला, ओ दुद्धा फून चत्ती कन्न दरोड़ता जाये तू हंसी भिल्ला।
जुवान ब़ोड़ला, दरोड़ू डे, फून चा चार्जर ता मां कन्नू छे।
(105) घराल्ली- मन्नू हेक नवीं साड़ी गेहती डे।
घराल्ला- मगर दुद्धी अटेची ता साड़िया लारे भरली पल्ली।
घराल्ली- ये साड़िया ता सारे गांवां चे अस्तरिया ने डेखती गेलिया।
घराल्ला- घुस्से मां, साड़ी नवीं गेहणे ची का लोहोड़ छे, गां ही बदलती नाखू।
(106) हेक माच्छर घणा पिरोसान ब़ेहलता ला,
डूज्जे ने पूछले, “भऊ का हुल्ले तन्नू?”
पहला ब़ोड़ला, यार “अजीब हुवे पल्ले। कुड़के मां ऊन्दर, साबोणदाणी मां साबोण, मगर मच्छरदाणी मां बन्दी नुझी वी।
(107) डोन ऊन्दर बणा पे चड़ले ब़ेहलते ले, बणा तलू हेक हाथी जाये पलता ला। हेक ऊन्दर ओच्चे ऊपर ढेती पल्ला।
डूज्जा ऊन्दर ब़ोड़ला, “दब़ाती कन्न राखियो में वी आवे पल्ला।
(108) हेक जुवान सीसा डेखती कन्न सोचू लागती गेल्ला, एन्हूं किट्ठी डेखले।
कतरा देर सोचणे चे बाद, ओ तेरी के, हा ता ओही छे जक्को काल माये लारे नाई ची दुकान मां कटिंग करवावे ब़ेहलता ला।
(109) मास्टर- तू लेट कां आल्ला?
पप्पू- सड़के पे बोड लागणे चे कारण।
मास्टर- किसड़ा बोड।
पप्पू- जिसे पे लिखले पलते ले कि उगते इस्कूल छे, होले-होले चाला।
(110) हेक जुवान टम्पूवा मां ब़ेहला जाये पलता ला।
टम्पूवा आल्ला- साब, तीस रूपे हुल्ले।
जुवान ने ओन्हूं पन्दरा रूपे डिल्ले।
टम्पूवा आल्ला- साब, ये ता आद्धे छी।
जुवान- तू वी ता ब़ेहला आल्ला …आद्धे तू डे।
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