(41) छ्‍वेरी आल्‍ले- अम्‍हांनू छोर पसन्द कोन्हीं
छोरा आल्‍ले- जी, ईं पसन्द ता अम्हांनू वी कोन्हीं, हिम्‍मा का करू एन्हूं घरू निकालती छोड़ू का।


(42) बेन्क मनेजर- का अटपटे दसखत छे?
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संता- ये दसखत मायी डाडी चे छी।
बेन्क मनेजर- किसड़े अटपटे दसखत छी, का नां छे विच्‍चे?
संता- जलेबी बाई।


(43) डागदर- आच्‍छे सवास्थ कल्‍ले रोज डण्‍ड-वण्‍ड काढले कर।
संता- जी, मे रोज किरकेट ते फोट्‍टबाल खेडे वे।
डागदर- कितनी बेल्हे तक खेडी वी।
संता- जे ताणी फोन ची बेटरी खतम ना हुवी वी।


(44) जितनी मरजी हुवे उतनी अंगरेजी सिखती गे।
खाब ता हमेसा हिन्दी मां ही आवे।


(45) हेक सरदार आपणे देस चा झण्‍डा गेहणे कल्‍ले गेल्‍ला।
दुकानदार ने ओन्हूं झण्‍डा डिखाणला।
सरदार ब़ोड़ला, “अरे भऊ, एच्‍चे मां कतरा नेरे रंग चा डिखाण।


(46) संता- माये डाडे ने 1857 ची लड़ायी मां दुसमन चा लता बाढलिया हुतिया।
बंता- ओण्हे गिचिया कोन्‍हीं बाढलिया हुतिया।
संता- वान्हूं ता पहले ही कुई बाढती गेलते ले।


(47) गुरजी- तीन इसड़िया जगा बावड़ा, जिट्‍ठे बन्दी मरी ना वी।
चिन्टू- सोर्रग, नरक ते टी वी चेनल पे।


(48) फेरीआल्‍ला- चाकू ते छुरिया तिक्‍खिया करवाती गिहा।
रामू- हंसती कन्‍न, भऊ अक्‍कल नूं वी तिक्‍खे करी वी का?
फेरीआल्‍ला- कां ना, हुवे ता चली आ।


(49) जज- जुवान नूं, हेक्‍क सिरकिया साओ भेंसिया मूं तू आपणी भेंस नूं कींवे पचाणे।
जुवान- हा, वी कुई बडी बात छे। जज साब, दुद्‍धी कचेरी मां साओ काले कोट आल्‍ले वकील छी, बलति वी मे आपणे वकिल नूं पचाणती गिहे वे।


(50) बाबा- अस्तरी नूं, तू आपणे मुण्सा चा भविसय जाणना चहावी का?
अस्तरी- बाबा, ओच्‍चा भविसय ता माये हाथ मां छे, तू ता मन्‍नू ओच्‍चा भूतकाल बावेड़।
 

पंचांग

वरणमाला केदा

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