(31) गुरजी- घणी तिक्खी हवायी लारे मीं हुवे पल्ला--। एच्चा भविसयकाल का हुवी बावड़ा?
पप्पू- हिम्मा लेट जायी।
(32) ब़ा- आपणे पुत नूं दुद्धे रजेल्ट चे का हुल्ले।
पप्पू- अब्बा अस्सी परसेन्ट नम्बर आल्ले।
ब़ा- मारसीट मां ता चाल्ही परसेन्ट लिखले पल्ले।
पप्पू- बचले आल्ले चाल्ही परसेन्ट अधार काड बणते ही सीद्धे खाते मां आती जाये।
ब़ा बेहोस हुल्ला गेल्ला।
(33) छोर- अब्बा, खोसखबरी छे।
ब़ा- का छे रे।
छोर- तू मन्नू कहलते पास हुत्ती गेल्ला ता तन्नु मे गड्डी गेहती डिये।
ब़ा- हवे।
छोर- पेसे बचती गेल्ले दुद्धे।
(34) हेक दारूबाज छते कन्नू तले ढेती पल्ला।
सारे बन्दा ने ओ कन्नू आती कन्न पुछले, का हुल्ले रे।
दारूबाज ब़ोड़ला, पता कोन्हीं भऊ--- मे वी ता हिम्मा तले आल्ला।
(35) हेक बन्दे माच्छर नूं- डिया चे कां पटता फिर्री।
माच्छर- ओवरटेम करता फिर्रे, आई-ब़ा बिमार छे। घरा मां जुवान ब़हेण ब़हेली ता छोरा आल्ला ने डाज मां हेक लीटर लूहीं मांगले।
(36) मरीज- मन्नू बिमारी छे। खाणे चे बाद भोक्ख ना लागी वी, नूझणे चे बाद नीड ना आवी वी, काम करे ता ब़ुडती जाये।
डागदर- सारी रात चिटके मां ब़ेहले कर ठीक हुत्ती जाये।
(37) बाबू- साब, तम्हीं ओफिस मां बिहा हुल्ले आल्ले बन्दा नूं का लावा वी।
साब- वान्हूं आपणी फीत सेहणे ची लत रिहे वे ता वान्हूं घरे जाणे ची जलति ना रिही वी।
(38) मोण्स- दुद्धे ब़ा ची ना ब़ड़ले आल्ले पे लूण नाखणे ची आदत छे।
टब़री- का हुल्ले।
मोण्स- आज ओ बलति पुछे पलता का तू मायी छ्वेरी लारे बिहा कराती खोस्स छी ना।
(39) जुवान- सर, मायी टब़री गार हुत्ती गेल्ली।
डाकिया- हा डाकघर छे, पुलिस थाणा कोन्हीं।
जुवान- ओ सारी इतनी खुसी छे कि कस्सा सुझी ना किट्ठे जाये।
(40) टब़री- का मे दुद्धे खाब मां आवे वे।
मोण्स- कोन्हा।
टब़री- कां?
मोण्स- मे राती चे हनुमान चालीसा पड़ती नुझे वे।