(111) चार छोरे मोटर सेंकल पे ब़ेहली जायी पलती ली,
ओ बेल्हे वान्हूं पुलिस आल्‍ले ने रोकले।
पुलिस आल्‍ला- तम्हां सारा नूं पत्‍ता कोन्हीं का? मोटर सेंकल पे तीन सवारिया ब़ेसी वी, तम्हीं ता चार जिणे ब़ेहले फिर्रा।
मोटर सेंकल चलावणे आल्‍ले ने भांसू डेखले ता चोंकती कन्‍न ब़ोड़ला, “अरे पांचवे बन्दे किट्‍ठे गेल्‍ले।”


(112) सीनियर डागदर- उणती नम्बर चे मरीज नूं होस आल्‍ला का?
जुनियर डागदर- का ओ बेहोस हुत्‍ता। में ता ओच्‍चा पोस्टमाटम करवाती नाखला।


(113) घणी तिक्‍खी गरमी पड़े पलती ली।
हेक अस्तरी मूं कबरे मूं निकलती कन्‍न ब़हारू ब़ेसती रहली।
हेक्‍के जुवान ने वी कन्‍नू पूछले, डर ना लागी तन्‍नू।
अस्तरी- एच्‍चे मां डरणे ची का बात छे …भीतर गरमी लागे पलती ली ए सांगू ब़हारू आती गेल्‍ली।
जुवान- हिम्‍मा तक कोमा मां छे।


(114) हेक जुवान बेन्क मां पेसे जमा करवाऊं गेल्‍ला।
केसियर- दुद्‍धे सारे नोट नकली छी।
जुवान- तमचे पे का फरक पड़े पल्‍ला जमा ता माये खाते मां हुवी पल्‍ले।


(115) हेक जुवान बणा पे पुट्‍ठा लड़कला पलता ला।
डूज्‍जे जुवान ने पूछले- का हुल्‍ले?
जुवान- कस्‍सा कोन्हीं यार, हिम्‍मा ठोड दरद ची गोली खाली, ढिड्‍ढा मां ना चाली जाओ।


(116) हेक्‍के मोटर सेंकल आल्‍ले ने पत्‍ता पूछले कल्‍ले, हेक्‍के जुवान नूं रोकले ता ओ कन्‍नू पूछले- मन्‍नू लाल किले पे जाणे।
जुवान- जा भऊं जा, यूं हर कान्हूं बावड़ता जाये ता उट्‍ठे पुजे कड्‍डण।


(117) मास्टर ने छोरा नूं कहले इसड़ा किस्‍सा सुणा जक्‍को सारा नूं सीख मिलो।
छोर- में विन्‍नू फून करला वा नुहली पलती ली बलति विणे मन्‍नू फून करला में नुहला पलता ला। सीख- जिसड़ी करे उसड़ी भरे।


(118) संता- आच्छे हुल्‍ले, में मारास्ट मां पेदा नी हुल्‍ला।
बंता- ओ कां?
संता- कांकि मन्‍नू ता मराठी ब़ोली चे हेक वी अक्‍खर ना डा आवी।


(119) टिकट चेकर- भऊ, दुद्‍धा टिकट किट्‍ठो?
सवारी- हा गेहे डोन टिकट छी।
टिकट चेकर- दुद्‍धे लारे नेरे कूण छे।
सवारी- साब, में हेकला छे।
टिकट चेकर- ता हा डुज्‍जा टिकट काये कल्‍ले छे।
सवारी- जी, पहला टिकट गार हुत्‍ती जाओ ता डूज्‍जा टिकट काम आती जायी ता जुरमाना वी नी लागी।
टिकट चेकर- अगर डोन्हीं गार हुत्‍ती जाओ ता?
सवारी- वे चीज कन्‍नू बचणे कल्‍ले में पास बणवाली फिर्रे।


(120) हेक निकड़े ब़ाल हेक डियो इस्कूल गेल्‍ले। आत्थणा चे घरे आल्‍ले। अय्‍या ने पूछले, “इस्कूल किसड़ा लागला?
ब़ाल- इस्कूल बडा आच्छा हुत्‍ता, अमची मेडम नूं ता कस्‍सा ना डा आवी। आज मां कन्‍नू पूछू लागती गेल्‍ली कि हेक ता हेक कितने हुव्‍वी वी बलति मन्‍नू बावड़ने पल्‍ले।

पंचांग

वरणमाला केदा

भासा जागरूकता पोस्टर