तरेमासिक पतरिका

गुमानी काग

हेक डियो हेक हन्सा चा झोन्ड उडरती कन्‍न दरिया चे उपरू जाये पलता। ओ दरिया मां हेक काग मसती कर्रे पलता ला। काग हन्सा नूं डेखती कन्‍न बोड़ला,“तम्हां नूं ता उडरणे वी ना डा आव्‍वी।” काग मजाकी मां बोड़ला, तम्ही ता हेक्‍को खांपा नूं फेलाती कन्‍न उडर सग्‍गा। माय्‍ये आल्‍ली कन्‍न उडरणे चा अटकला जाणा वी। तम्ही ता ढंगा लारे उडरणा वी ना जाणा।                                                                

लालची कुत्‍ता

हेक वारी हेक कुत्‍ता हुत्‍ता। ओ घणा भुख्‍खा हुत्‍ता। ओ भुख्‍खे कन्‍नू इंग्‍गे-उंग्‍गे गेल्‍ला। ओन्हूं गेली मां हेक टुक्‍कू वा चा गिरां लाभला। ओ टुक्‍कू वा नू खाणे कल्‍ले पुले उपरू लंघे पलता ला। ओण्हे पुले कन्‍नू पाणिया मां डेखले। ओन्हूं पाणिया मां आपणी पचछावें डिसली।                              

हेक भुख्‍खी लोम्बड़ी

हेक वारी हेक लोम्बड़ी हुत्‍ती। वा घणी भुख्‍खी हुत्‍ती। वा भुख्‍खे कन्‍नू इंग्‍गे-उंग्‍गे गेल्‍ली। विन्‍नूं हेक अंगूरा चा बाग डिसला। वा ओ बागा मां चाहली गेल्‍ली। वे बागा मां घणे सारे फल-फूल हुत्‍ते। ओ बागा मां हेक पकले आल्‍ले अंगूरा ची बल्ह लड़कली पलती। वा अंगूरा नूं डेखती कन्‍न विच्‍चे मूंहा मू पाणी आऊं लागती गेल्‍ले।
    

सेर ते उन्दर

हेक वारी हेक सेर हुत्‍ता। ओ जंगला मां बणा ची छांई तल्‍ले नीड करे पलता ला। ओ बेल्हे हेक उन्दर आत्‍ती कन्‍न ओच्‍चे ऊप्पर टप्पे मारु लागती गेल्‍ला। ऐ वजहें कन्‍नू सेरा ची नीड खुड़ली गेल्‍ली। सेरा नूं उन्दरा पे इतना घुस्‍सा आल्‍ला कि ओण्हे ओन्हूं आपणे पंजे मां कसती कन्‍न पकड़ती गेल्‍ले। सेर ओन्हूं मारणे ची सोचूं लागती गेल्‍ला। उन्दर घणा डरती गेल्‍ला। ओण्हे कांपती कन्‍न सेरा नूं कहले,“महाराज !

सब्‍बरा चा फल

बात कुछ डिये पहले ची छे। जिस्‍से बेल्हे महातमा बोध्द धरमा चे परचारा कल्‍ले। गांवां-गांवां मां घुमता फिर्रे ला। हेक डियो ओ आपणे चेल्‍ला नूं गेहती कन्‍न हेक्‍के गांवां मां गेल्‍ला। ओन्हूं गांवां मां जत्‍ती कन्‍न तर्रेस लागती गेल्‍ली। ओण्हे आपणे चेल्‍ले नूं केहले,“गांवां मूं पाणी भरती आ। चेल्‍ला जीवें गांवां मां गेल्‍ला। ओण्हे हेक नद्‍दी डेखली। वे नद्‍दी मां बन्दी ओढ़णी धोवी बहेलती ली। कई बन्दी झु

लाकड़िया चा मुंगर

हेक बुजरग बन्‍दे आपणे बहू ते पुता लारे रहणे कल्‍ले सेहरा मां गेल्‍ले। ये उमरी मां ओ घणा थकती गेलता ला। ओच्‍चे हात्थ-पग कांप्‍पू लागती गेल्ले ता ओन्हूं कम वीं डिस्‍सू लागती गेल्‍ले। ओच्‍चा पुरा कुणबा ते हेक्‍के साला चे पोतरे हेक्‍की जगां बेसती कन्‍न टुक्‍कू खाती। बुढ़े नूं टुक्‍कू खाणे मां घणी पिरोसान्‍नी हुत्‍ती। ओच्‍चे कन्‍नू फरसा पे भाजी रिड़ती पड़ती ते कड्‍डी-मड्‍डी हात्था मूं डुध्‍धा चा गिल

लाकड़िया टुकणे आल्‍ला ते पाणिया चा देवता

हेक्‍के गांवां मां हेक लाकड़िया टुकणे आल्‍ला रहता। ओ घणा गरीब हुत्‍ता। ओ रोज लाकड़िया टुकती कन्‍न ते वान्हूं बेचत्ती कन्‍न आपणा गुजारा चलाता। हेक डियो ओ लाकड़िया टुकणे कल्‍ले जंगला मां गेल्‍ला। लाकड़िया टुकते बेल्हे हेकदम ओच्‍चे हात्‍था मूं कुहाड़ी छुटती कन्‍न नद्‍दी मां ढेती पल्‍ली। ओ बणा कन्‍नू तल्‍ले उतरला। ओण्हे नद्‍दी मां आपणी कुहाड़ी सोहली। पर्र ओन्हूं आपणी कुहाड़ी नीं लाभली।

बुध्‍दिमानी ते समझदारी

हेक वारी तीन जवान हुत्‍ते। वां कन्‍नू कूई काम-धन्धा कोन्हीं हुत्‍ता। वें तिन्‍हीं बिलकोल बेकार हुत्‍ते। हेक वारी वाण्हे तिहीं ने कमावणे ची सोचली। वे कमावणे कल्‍ले आपणे गांवां मूं टुरती पल्‍ले। वान्हूं वे गेली मां हेक वोपारी मिड़ला । वोपारिया ने वाच्‍चे कन्‍नू आपणे ऊंठहां चे बारे मां पूछले। वाच्‍चे मूं हेक जवान बोड़ला, दुध्‍धा ऊंठह का हेक्‍की आंखी कन्‍नू काणा हुत्‍ता। नेरा जवान बोड़ला, दुध्‍धे ऊ

पक्‍के यार

हेक वारी हेक्‍के गांवां मां डोन यार रेहते। हेक डियो वे डोन्‍हीं सेहरा मां जाई पलते ले। रसते मां घणा जंगलात हुत्‍ता। जिस्से बेल्हे वे डोन्‍हीं जंगला चे रसते कन्‍नू निकली पलते ले तां ओ बेल्हे वाच्‍चे सामणे रेच्छ आत्‍ती गेल्‍ला। रिच्छा नूं डेखती कन्‍न वे डोन्‍हीं डरती गेल्‍ले। वाच्‍चे मूं हेक जिणां दरोड़ती कन्‍न बणा पे चढ़ती गेल्‍ला। नेरे नूं बणा पे चढ़ने चे ना डा आत्‍ते। ओ भोहें पे नूत्थी रेहला त

तर्रसेला काग

हेक वारी हेक काग हुत्‍ता। ओन्हूं घणी तर्रेस लागली फिर्रे ली। ओ पाणी सोधणे कल्‍ले इंग्गे-उंग्गे उडरू लागती गेल्‍ला। ओन्हूं घणी बादा मां हेक जग डिसला। ओ जगा लारे गेल्‍ला। ओण्हे ओच्‍चे मां डेखले। ओ जगा मां कत्तरा जां पाणी हुत्‍ते। कागा चीं ठोंग पाणियां मां ना पुजे ली।
    

पंचांग

वरणमाला केदा

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