हेक वारी हेक काग हुत्‍ता। ओन्हूं घणी तर्रेस लागली फिर्रे ली। ओ पाणी सोधणे कल्‍ले इंग्गे-उंग्गे उडरू लागती गेल्‍ला। ओन्हूं घणी बादा मां हेक जग डिसला। ओ जगा लारे गेल्‍ला। ओण्हे ओच्‍चे मां डेखले। ओ जगा मां कत्तरा जां पाणी हुत्‍ते। कागा चीं ठोंग पाणियां मां ना पुजे ली।
    

ओच्‍चे दिमाका मां हेक तरकीब आल्ली। ओण्हे घणे सारे निकड़े-निकड़े रोड़े भेल्‍ले करले। कागा ने रोड़े जगा मां नाखले। पाणी होले-होले ऊप्‍पर हुत्‍ती आल्‍ले। कागा चीं ठोंग पाणियां मां पुजती गेल्‍ली। ओण्हे पाणी पित्‍ती कन्‍न आपणी तर्रेस बुझाल्‍ली।

शिक्षा- अकला चां इसतमाल करणा चाही छे।

पंचांग

वरणमाला केदा

भासा जागरूकता पोस्टर