हेक वारी हेक लोम्बड़ी हुत्ती। वा घणी भुख्खी हुत्ती। वा भुख्खे कन्नू इंग्गे-उंग्गे गेल्ली। विन्नूं हेक अंगूरा चा बाग डिसला। वा ओ बागा मां चाहली गेल्ली। वे बागा मां घणे सारे फल-फूल हुत्ते। ओ बागा मां हेक पकले आल्ले अंगूरा ची बल्ह लड़कली पलती। वा अंगूरा नूं डेखती कन्न विच्चे मूंहा मू पाणी आऊं लागती गेल्ले।
लोम्बड़ी नूं घणी भोख लागती गेल्ली। अंगूरा ची बल्ह घणी ऊंच्चे हुत्ती। वा विन्नूं पकड़ने कल्ले टप्पे मारू लागती गेल्ली। बलति वी वा विच्चे हात्थे कोन्हीं आल्ली। कत्तरा जीं देरी मां वा घणी थाकती गेल्ली। थाकती कन्न विण्हे कहले,“अंगूर ता खट्टे छी” में यान्हूं ना खाई। लोम्बड़ी उट्ठू चाहली गेल्ली।
शिक्षा- जिठ्ठे पोज ना सग्गी उट्ठे खोद्द नूं दोस डेणा पड़े वे।