हेक नब्भे साल ची ब़ुड्ढ़ी हुत्ती। विन्नू घणे कम डिसते ते विच्चे कुकड़िया चा धयान करणे आल्ली नोकरणी वी नासती गेलती ली। ब़ड़ही ब़ुड्ढ़ी सवेले-सवेले कुकड़िया नूं चुगणे कल्ले छोड़ती ता वे सारिया कुकड़िया उडरती कन्न अड़ोस-पड़ोस चे घर मां घिरती जतिया ता वाचे नुकसान करती नाखतिया। कड्डी ता विच्चे पड़ोसी कुकड़ी नूं पकड़ती कन्न बाढ़ती नाखते। ब़ुड्ढ़ी ने पिरोसान हुत्ती कन्न सोचले बेन्न नोकर चे काम नीं चल्ली। के ताणी में यां कुकड़िया नूं पकड़ती फिर्री? कतरा जीं काम धन्धा करे ते माया दम चढ़ती जाये। ए सांगू ब़ुड्ढ़ी नोकर सोधणे कल्ले घरू टुरती पल्ली। पहले ता विणे आपणी पुराणी नोकराणी नूं सोधणे ची कोसिस करली मगर वां विन्नूं किट्ठी वी नीं लाभली। ब़ुड्ढ़ी ब़ोलु लागती गेल्ली ता आपणी नोकरणी नूं भले-बुरे किहूं लागती गेल्ली। ब़ुड्ढ़ी नूं ब़ोलते डेखती कन्न हेक रेच्छ उट्ठे आल्ला ता ब़ोडला,“ ब़ुड्ढ़ी नानी राम राम, आज सवेले-सवेले किट्ठे जायी पल्ली, में सुणले की दुद्धी नोकराणी काम छोड़ती कन्न गेल्ली पत्ती। अगर तन्नू ठीक लागे ता तूं मन्नू नोकर राख सगी।” ब़ुड्ढ़ी ब़ोड़ली,“ परहनूं हठ हेक ता काला धूं उपरू सुरत वी घणी खब छे। तन्नू डेखती कन्न ता माया सारिया कुकड़िया नासती जाये ता बलति पुट्ठिया वी नीं आवे।”
ब़ुड्ढ़ी उगते टुरती पल्ली ता विन्नू रस्ते मां हेक गीद्दड़ मिड़ला ता ओ ब़ोडला, “ब़ुड्ढ़ी नानी राम राम, तूं कान्हूं सोहती फिर्री।” ब़ुड्ढ़ी ब़ोड़ली,“ हेक सरीफ जीं नोकराणी सोहती फिर्रे। जान्हूं साव्ओ तक गिणती डा आती हो।” गीद्दड़ ब़ोडला,“ एच्चे मां किसी बडी बात छे। चाल तन्नू हिम्मा हेक्की छ्वेरी लारे मिलावे। बडी सरीफ ते साव्ओ तक गिणती वी जाणे वे।” ब़ुड्ढ़ी विच्ची तरिफ सुणती कन्न ब़ोड़ली,“ जलति हकार विन्नू, काम धन्धा बावड़ती डिये ता ये सारी आफती कन्नू दूर हठती जाये। गीद्दड़ गेल्ला ता हेकी ब़िल्ली नूं गेहती कन्न आल्ला। ब़िल्ली ने ब़ुड्ढ़ी नूं डेखती कन्न कहले, राम राम ब़ुड्ढ़ी नानी। ब़ुड्ढ़ी ब़िल्ली नूं डेखती कन्न चोंकली ते ब़ोड़ली की हे नरीकार आ जनावरे वी कड्डी नोकर रिही वी। ब़िल्ली बडी मीठी अवाज मां ब़ोड़ली, ब़ुड्ढ़ी नानी कुई रोटी थोड़ी रांधणी। कुकड़िया ही ता चरावणिया। ब़ुड्ढ़ी ने विन्नू नोकरी पे राखले जत्ती।
ब़िल्ली ने पहले डियो कुकड़िया नूं ब़हारू काढ़ले ता घणी दरोड़भज करती कन्न वान्हूं आस-पड़ोस मां जाणे कन्नू रोकले। ब़िल्ली ची इतनी दरोड़भज डेखती कन्न ब़ुड्ढ़ी बेचिनतक हुत्ती गेल्ली। इंगे ब़िल्ली होले-होले सारिया कुकड़िया नूं मारती कन्न खाती गेल्ली ते बाड़े मां बीस कुकड़िया ही बचालिया। हेक डियो ब़ुड्ढ़ी बाड़े मां पुजली ता थोड़िया कुकड़िया डेखती कन्न ब़ोड़ली,“ कुकड़िया नूं चुगणे कल्ले किट्ठे भेजली भिल्ली।” ब़िल्ली फटाफट ब़ोड़ली की नेरे किट्ठे भेजी सारिया कुकड़िया पहाड़ा पे गेलिया पत्ती। में वान्हूं घणे हकारले मगर वे इतनिया सरारती छी की पुट्ठिया ही ना आवी पलिया। ब़ुड्ढ़ी ब़ोड़ली,“ यां कुकड़िया ने ता मन्नू पिरोसान करती नाखले। हिम्मा जत्ती कन्न यान्हूं डेखे की ये इतनिया आलसी किवें हुत्ती गेलिया।
ये पहाड़ पे चढ़ती गेलिया यान्हूं पता कोन्हीं की कुई सेर या भडिया आती गेल्ला ता यान्हूं मारती कन्न खाती जायी। ब़ुड्ढ़ी पहाड़ा पे चढ़ती गेल्ली मगर विन्नू पहाड़ पे कुकड़िया नीं लाभलिया। विन्नू पहाड़ा पे हडिया ते खांपा चा ढेग्ग डिसला ता वा फोरन समझती गेल्ली की हा सारी करली धरली वे ब़िल्ली ची छे। वा जलति-जलति पुट्ठी आल्ली। इंगे ब़िल्ली ने सोचले की ब़ुड्ढ़ी ता पहाड़ा पे गेल्ली पत्ती। हिम्मा वा जलति ता आवी कोन्हीं। कां ना बचलिया आलिया कुकड़िया नूं वी मारती कन्न खाती जाये। हालि वा वान्हूं खाये ब़ेहलती ली ता इतने मां ब़ुड्ढ़ी पुट्ठे आती गेल्ली। ब़िल्ली नूं कुकड़िया खाते डेखती कन्न ब़ुड्ढ़ी घुस्से मां पिचली गेल्ली ता विच्चे लारे पल्ली कोला ची छब़्ब़ी नूं चत्ती कन्न ब़िल्ली चे ठोडा पे जोरा चे मारली। ब़िल्ली नूं सट ता लागली पर ब़िल्ली चा सोहणा रंग वी काला धूं हुल्ला गेल्ला। वा आपणी बदसकली नुं डेखती कन्न रोऊं लागती गेल्ली।
सीख – चलाकी लारे काम करणे आल्ले नूं वी कड्डी ना कड्डी आपणी करतूत चा फल भोगणा पड़े वे।
- टिपणी डाक करा