211 संता- आज इतना पाला कां छे?
बंता- सुरज ब़हारू कोन्हीं निकड़ला।
संता- कां कोन्हीं निकड़ला।
बंता- ओच्ची अय्या ने ओन्हूं ब़हारू नी निकलू डिल्ले हुवी, विणे ओन्हूं कहले, किट्ठे जाये पाले मां पल्ला रहे सव्वड़ मां, फालतू मां ब़हारू जत्ती कन्न सेतानिया करे।
212 सरदार चे ठोड फड़ीती पल्ले।
डागदर- ई कींवे हुल्ले।
सरदार- में हतोड़ी लारे फत्थर भांने ब़ेहलता ला, हेक्के जुवान ने मन्नू आती कन्न कहले कि कड्डी आपणे अक्कल चा वी इस्तमाल करले कर।
213 सरदार (पुलिस आल्ले नूं)- मन्नू कुई बन्दे फून मां मारणे चा धमकिया डिये पल्ले।
पुलिस आल्ला- कूण डिये पल्ले।
सरदार- बिजली घरा आल्ले किही वी, बेल्ल ना भरला ता बाढती नाखू।
214 हेक जुवान बणा पे पूट्ठा लड़कला पलता ला।
नेरे जुवान ने ओ कन्नू पूछले का हुल्ले, पूट्ठा कां लड़कला पल्ला?
ओ जुवान ब़ोड़ला, कस्सा कोन्हीं हुल्ले, हिम्मा ही ठोडा ददर ची गोली खाली ढिड्ढा मां ना चाहली जाओ।
215 हेक जुवान आपणे निकड़े ब़ाला नूं चत्ती कन्न बस मां चड़ला।
बस चा कण्डेक्टर ओच्चे छोरा नूं डेखती कन्न ब़ोड़ला, इतने काले धूं ब़ाल में आज तक कोन्हीं डेखले।
जुवान कस्सा वी नी ब़ोड़ला ता घुस्से लारे ओन्हूं डेखती कन्न आपणी सीट पे ब़ेसती रहला लारे हेक सरदार ब़ेहलता ला ओण्हे ओ कन्नू पूछले, का हुल्ले भऊ।
जुवान ब़ोड़ला, का यार, कण्डेक्टर ने बेजत्ती करती नाखली।
सरदार- मार काढती गे एच्ची… ईं लंगूर चे ब़ाल मन्नू डे जत्ती…पटी ता ना वी।
216 हेक छोर टूटी मूं ढते पाणिया नूं डेखति कन्न आपणे ब़ा कन्नू पूछले ईं पाणी किट्ठू आवे पल्ले।
ब़ा ब़ोड़ला, पूत पाणी नद्दी मूं आवे पल्ले।
छोर- अब्बा मन्नू नद्दी डिखाणती आ।
ओच्चा ब़ा ओन्हूं नद्दी डिखाणने कल्ले गेहती गेल्ला मगर छोरा ने आपणे ब़ा नूं नद्दी मां धिक्का डिती डिल्ला।
बलति छोर घरे दरोड़ते आल्ले ता आपणी अय्या नूं साड डिल्ला, जलति कर टूटी खोलती नाख अब्बा आवणे आल्ला छे।
217 डागदर- तन्नू पत्ता हुत्ता किरड़ी दुद्धे नाक मां घिरली जाये ता तू विन्नू पकड़ले कां नी।
मरीज- पहले तिड्डे घिरले हुत्ते ए सांगू में सोचले कि ओन्हूं पकड़ती कन्न पूट्ठी आती जायी।
218 हेक छोर दारू पिती कन्न घरे आल्ले, आपणे ब़ा कन्नू बचणे कल्ले, लेपटोप खोलती कन्न पड़ू ब़ेसती रहले।
ब़ा ब़ोड़ला, आज बलति पिती कन्न आल्ला।
छोर- कोन्हां।
ब़ा- ता अटेची खोलती कन्न कां पड़ी ब़ेहला।
219 संता- परवां मायी घराल्ली खूवा मां ढेती पल्ली, घणी सट लागती पल्ली ता रोला मचाली पलती ली।
बंता- हिम्मा कींवे छे?
संता- हिम्मा ता कहीं ठीक छे, क्लोखा खूवा मां रोला ता कोन्हीं मचला।
220 संता (बंते नूं)- यार में सोचता कि ये मोल्ख मां हेक्को में उल्लू छे।
बंता- इसड़े का हुल्ले?
संता- काल में आपणी घराल्ली नूं कसमीरी सेव आणने कल्ले कहले हुत्ते।
बंता- ता इसड़े कां हुल्ले?
संता- आज सवेले-सवेले कसमीर मूं फून आल्ला कि में कसमीरी सेव गेहती गेल्ले।
- टिपणी डाक करा