191 डागदर- दुद्धे तीन डांत कींवे भांले।
संता- घराल्ली ने आज कुराड़िया रोटिया रांहलिया।
डागदर- खाणे कल्ले मना करती डिये।
संता- जीं, ऊं ही ता करले हुत्ते।
192 मास्टर- अब्बे गाड़े काम कोन्हीं करली आल्ला तू?
छोर- तमीज लारे ब़ोड़ले कर, गाहक लारे यूं ना ब़ोलजी वी।
193 संता- यार, अगर बचपन मां अय्या ची बात सुणती गिहूं आ ता आज हा नोबत ना आवे आ।
बंता- अय्या ब़ोलती का?
संता- यार, में खोद्द वी ना सुणता ता तन्नू कींवे बावड़ी।
194 डागदर(मरीज नूं)- ओपरेसन करते बेल्हे हेक दस्ताना दुद्धे ढिड्ढा मां रहती गेल्ला, ए सांगू अम्हांनू दुद्धा बलति ओपरेसन करणा पड़ी।
मरीज- अब्बे यार, कितने कन्जूस छिंवा तम्हीं….हिम्मा रोवा ना, हा गिहा पन्झा रूपे ता नवें दस्ताने गेहती गिहा, हेक्के दस्ताने कल्ले बलति ढ़ेड्ढ फाड़ू चाहला आल्ला।
195 संता- पूत नरीकार नूं ता डागदर नूं कड्डी वी नराज नी करणे चाही छे।
छोर- कां?
संता- पूत, अगर नरीकार नराज हुत्ती गेल्ला ता आपू डागदर कन्नू जाऊं ता अगर डागदर नराज हुत्ती गेल्ला ता सीद्धे नरीकर कन्नू जाऊं।
196 चिन्टू (दुकानदार नूं)- काका रंग भूरा करणे आल्ली करीम छे।
दुकानदार- हवे छे।
चिन्टू- ता लावी कां ना वी। में तन्नू डेखती कन्न रोज।
197 संता- आज टी वी मां तरीस फोट्ट चा नाग डिखाणे।
बंता- हवे यार, पर में नी डेख सगी।
संता- कां?
बंता- माया टी वी इक्कीस फोट्ट ची छे।
198 बंता- अम्हीं ता वे छिऊं जक्को उडरती चिड़ी ची खांपे गिणती गिहूं वी।
संता- ओय एच्चे मां किसी बडी बात छे, डोन ही ता रिही वी।
199 घराल्ली- तू रोज सवेले माये थोपड़े पे पाणी कां नाखी वी।
घराल्ला- दुद्धे ब़ा ने मन्नू कहलते ले कि मायी छ्वेर फूल छे, एन्हूं कड्डी ना मुरझाऊं डियो।
200 इस्कूल मां भा लागती गेल्ली, सारी ब़ाले खोस्स हुत्ती गेल्ली कि हिम्मा इस्कूल नी आवणे पड़ी पर हेक छोर मयूस ब़ेहलते ले।
गुरजी- पूत, तू कां मयूस ब़ेहला ला।
छोर- गुरजी, तू कींवे बचत्ती गेल्ला।