(151) गुरजी- सोनू, तू काल इस्कूल कां कोन्हीं आल्‍ला हुत्‍ता।
सोनू- गुरजी, में काल खाब मां अमरीका चाहला गेलता ला।
गुरजी- ठीक छे, मोनू, तू इस्कूल कां कोन्हीं आल्‍ला।
मोनू- गुरजी, में सोनू नूं हवायी झाज चे अड्‍डे पे छोड़ू गेलता ला।


(152) हेक छोर क्‍लास मां जोरा-जोरा चे हंसे पलते ले। ओ बेल्हे हेक छ्‍वेर ब़ोड़ली- कूण हंसे पल्‍ले उठती जावा।
छोर- तू कूण छी?
छ्‍वेर- में क्‍लास ची मोनिटर छे।
छोर- हंसू लागती गेल्‍ले, दुद्‍धी कुई लोहोड़ कोन्हीं, हिम्‍मा ता लेपटोप, एल सी डी ते एल ई डी चा जमाना छे।


(153) हेक जुवान बदाम बेचे भिलता ला।
सरदार ने ओ कन्‍नू पूछले, यान्हूं खाणे लारे का हुवे वे।
जुवान- दिमाग बद्‍धे वे।
सरदार- कींवे?
जुवान- अच्छा बावेड़ हेक किलो चावल मां कितने डाणे हुवी वी।
सरदार- पत्‍ता कोन्हीं।
जुवान ने ओन्हूं बदाम खुलाला ता ब़ोड़ला, बावेड़ हेक दरजन मां कितने केले हुवी वी?
सरदार- ब़ारा।
जुवान- डेखा दिमाग बधला या कोन्हीं।
सरदार- डोन किलो डे, हा ता बडे काम ची चीज छे।


(154) पुलिस आल्‍ला ने दर खड़काले।
संता- दर कूण खड़कावे पल्‍ले।
पुलिस- अम्हीं पुलिस आल्‍ले छिऊं दर खोल।
संता- कां खोले?
पुलिस- कतरा बाता करणिया।
संता- तम्हीं कितने जीणे छिवा।
पुलिस- अम्हीं तीन जीणे छिऊं।
संता- आपस मां ब़ेसती कन्‍न बाता करती गिहा मां कन्‍नू बखत कोन्हीं।


(155) चोर- दुद्‍धी घराल्‍ली अमचे कन्‍नू छे, सबुत चे तोरा पे डोन आंगलिया भेजू पल्‍ले।
जुवान- सबूत पक्‍का कोन्हीं, ठोडी भेज ठोडी।


(156) संता सारी जिन्दगी सोचता रहला ता सोचत्‍ती-सोचत्‍ती कन्‍न मरती गेल्‍ला की अगर मायी ब़हेणी चे डोन भऊ छी ता माया हेक कां छे।


(157) घराल्‍ली- में पेक्‍के ओ डियो जायी जिसे डियो तू मन्‍नू पुचाऊ जाये।
घराल्‍ला- मन्‍नू मन्जूर छे, पर हेक वादा कर कि घरे वी तू ओ डियो आवे जिसे डियो में तन्‍नू गिहूं आवी।


(158) हेक्‍की अस्तरी ने अम्ब गेहले ता वाच्‍चे मूं किड़े निकड़ले, अस्तरी ने अम्ब आल्‍ले नूं कहले, याच्‍चे मूं ता किड़े निकली पल्‍ले।
अम्बा बेचणे आल्‍ला- हा ता आपणे भाग ची बात छे, आज किड़े निकली पल्‍ले हो सगे काल गड्‍डी निकलती जाओ।
अस्तरी- पांच किलो नेरे डे।


(159) डागदर ने हेक्‍की अस्तरी नूं मूं मां मीटर लाती कन्‍न, विन्‍नू कतरा देर मूं बन्द राखणे कल्‍ले कहले।
घराल्‍ली नूं चोप्पचाप डेखती कन्‍न घराल्‍ला ने डागदर कन्‍नू पुछले, साब हा चोप्‍प राखणे आल्‍ली मसीन कितना ची आवे वे।


(160) यार- आच्छी ओढणी घालती कन्‍न भाजी गिहूं जाये ता दुकानदार भाजी मंहगी डिये वे ता जिसे डियो गन्दी ओढणी घाली जाये ता भाजी सस्ती डिये वे।
नेरा यार ब़ोड़ला - हाथ मां मुंगर चत्‍ती कन्‍न गेल्‍ले कर भाजी मुखत मां डी जत्‍ती।

पंचांग

वरणमाला केदा

भासा जागरूकता पोस्टर