151. पल्ले आल्ले लोहे जंग खाती जाये वे, भिल्ले आल्ले पाणी बदबो मारे वे, यूं आलसी बन्दे आपणे दिमाग नूं खराब करती नाखे वे। लियोनार्दो दा विंसी
152. हर बन्दे आपणा चोका साफ करती राखो ता सारा मोल्ख साफ हुत्ती जायी। गेटे
153. राती चे जलति नुझणे ते सवेले जलति उठणे बन्दे नूं फूटरे ते समझदार बणावे वे।
154. घमण्ड बन्दे नूं बन्दे ना बणू डी, ए सांगू किहीं, ठाण्डे दिमाग लारे जिन्दगी बितावणी चाही छे। श्री गुरु नानकदेव
155. सारा मूं बडा गुरू मन्तर छे आपणे राज चा बाता कड्डी नेरा नूं नी बावड़निया चाही छी, कांकि ओ तन्नू कड्डी तले डावणे ची कोसिस कर सगे। चाणक्य
156. मोल्ख चे डोक्ख मां खुसी लारे आवणे चाही छे, मोल्ख नूं डोक्ख कन्नू छुड़ा ता ना सगू मगर खुसी लारे जीं ता सगू। जोसेफ कैप्मबैल
157. मन्नू माये कुई काम मां इतनी खुसी ना हुवी, जितनी ब़ाला चा बणती वाची जिम्मेवारी निभावणे मां। बिल काँस्बी
158. जिन्दगी कड्डी दुबारा पुट्ठी ना मिली वी मगर अम्हीं हेक्को वारी ही विन्नू ढंग लारे बिताती गिहूं अमचे कल्ले वा ही दरेह छे।
159. इसड़े बन्दे पे कड्डी जकीन ना करा जाण्हे तन्नू कूड़ मारले हो ते कड्डी इसड़े बन्दे नूं कूड़ ना मारो जान्हूं दुद्धे पे जकीन ना हो।
160. बन्दे नूं कड्डी हिम्मत नी हारणी चाही छे कांकि पहाड़ मूं निकड़ली आल्ली नद्दी रसते मां का कन्नू ना पूछी की दरिया कितनी दूर छे।
161. भरोसा करणे सीखणे ही जिन्दगी चे सारा मूं बडे ओखे काम छे।
162. कुई काम नूं करते बेल्हे सला सारा ची गेहणी चाही छे मगर काम नूं करते बेल्हे फेंसला खोद्द करणा चाही छे।
163. सोक्ख बांटणे लारे दुगणे हुत्ती जाये वे, डोक्ख बांटणे लारे आधे रहती जाये वे।
164. जक्को सम्मे काम करणे कल्ले गेहला, ओ सम्मे मां काम करणे चाही छे, नातण बन्दा चा जकीन खतम हुत्ती जायी। स्वामी विवेकानन्द
165. सान्ती ते सोक्ख ब़ाहरलिया चीजा थोड़ी छी, ये ता आपणे भीतर रिही वी, ब़स यान्हूं पहचाणने ची लोहोड़ छे। सांई बाबा
167. कुई बन्दे ओ ताणी ना हारी, जे ताणी उं आपणी हिम्मत ना हारती जायी वी। ब्रुस ली, एक्टर
168. मोल्ख इसड़े बन्दा लारे भरीला पल्ला, जक्को आपणे सोक्ख कल्ले नेरा चे सोक्ख ची परवां ना करी वी। डग लारसन
169. दिमाग लारे बणाले आल्ले रिसते गांवां तक चली ते देल्ल लारे बणाले आल्ले रिसते आखरी सांस तक चली वी। ओशो
170. अम्हीं सारे हेक-डूजे ची मदत करणा चहाऊं, हेक-डूजे चे सोक्ख कल्ले जीणा चहाऊं ना कि डोक्ख कल्ले। चार्ली चैप्लिन
171. धुन्धे मां जिसे बेल्हे ना डिसो ओ बेल्हे घणी दूर डेखणे ची कोसिस ना करो, हेक-हेक पग उगते बधाते रिहा रसता आपणे आप खुलता जायी।
172. आपणे आप नूं आच्छे बणाती राखणा असान छे मगर हेक वार बिगड़ने चे बाद सुधारणे बडे ओखे छे। टामस पेन
173. गुरू दर खोले वे, जाणे ता आपा नूं खोद्द पड़े वे। चीनी कहावत
174. आपा नूं खुसी ओ बेल्हे मिली जक्को सोचू जक्को किहूं, जक्को करू वे सारे हेक्क सिरके हो।
175. हर पिरोसानी चा हल रिहे मगर अम्हानूं हा ओ बेल्हे लाभी जिसे बेल्हे अम्हीं एन्हूं सोधू। जोएन बेझ
- टिपणी डाक करा