126. अगर आपू हेक वारी आपणे लारे आल्‍ले बन्दे चा भरोसा तरोड़ती नाखू वी, ता बलति आपू कड्‍डी वी वाच्‍चा मान ता इज्‍जत ना गहे सगू वी। अब्राहम लिंकन


127. आच्छा बेल्हा वाच्‍चा रिहे वे, जक्‍को काये बुरे ना सोची वी। मनोहर भगत जी (तिजारा)


128. जिन्दगी नूं केवल डोन ही चीजा खराब करती नाखी वी, हेक बन्दे चा घमन्ड ता डूजा ओच्‍चा वहेम। मनोहर भगत जी (तिजारा)


129. कड्‍डी-मड्‍डी बन्दा चा बुरा सम्‍मे ओन्हूं आच्छा बन्दा लारे मिलावणे कल्‍ले आवे वे।


130. बन्दे नूं हमेसा नेरा नूं उपदेस आपणी ब़ोली ची बजाय आपणी जिन्दगी लारे डेणा चाही छे।


131. बन्दे लारे कड्‍डी वी इतना मोहो ना करो कि ओचिया बुराया लुकती जाओ ता ओच्‍चे लारे घरणा वी इतनी ना करो कि ओचिया अच्छाया ही ना डिसो। बाबा जी


132. गलतिया बन्दे ची जिन्दगी चा हेक हेंस्‍सा छी पर यान्हूं सवकार करणे ची हिम्‍मत घणी ही कम बन्दी डिखाणी वी।


133. जक्‍को बन्दे बार-बार ओ काम नूं करणे ची कोसिस करे वे, उट्‍ठे ओ बन्दे चे भाग वी ओच्‍चे सामणे झुकती जायी वी।


134. पेसा आल्ला चा आद्‍धा पेसा ता हा बावड़ने मां लागती जाये वे कि वे पेसा आल्‍ले छी।


135. आई-ब़ा ता बन्दे नूं जीवन डिये वे मगर जीवन जीणे ची कला ता ओन्हूं ओच्‍चा गुरु सिखावे वे। निंरकारी जी की संगत


136. जिसे बेल्हे इनसान चा जरूरता बदलिती जायी वी, ओ बेल्हे ओच्‍चे बात करणे चा ढंग वी बदलिती जाये वे।


137. गन्दे सुभा आल्‍ली बन्दी डरा कन्‍नू नेरा चे कहणे मन्‍नी वी, ता आच्‍छे सुभा ची बन्दी प्‍यार लारे कहणे मनती गिही वी। निरंकारी जी


138. सम्‍मे बन्दे चे हर सम्‍मे नूं बदलती नाखे वे, पर सम्‍मे नूं वी थोड़ा सम्‍मे डेणा पड़े वे।


139. घड़िया सुधारणे आल्‍ले ता घणे ता घणे छी, पर सम्‍मे नूं खोद्‍द सधारणे पड़ वे।


140. जिठ्‍ठे जाये खाणे-पीणे लिखले पल्‍ले, सम्‍मे ओन्हूं उट्‍ठी ही हकारती गिहे वे। कुई वी डिल्‍ले आल्‍ले ना खाई वी। हर बन्दे आपणे नसीब चे खाये वे।


141. सारा मूं बडे मुरख उं छे, जक्‍को हेक फत्थरां लारे डोन वारी डिये वे। बाबा जी


142. हेक्‍को देल्‍ल ही छे जक्‍को सालो साल बेन्‍न सई काढले काम करते रिहे वे। एन्हूं हमेसा खोस्‍स राखणे ची कोसिस करा चाहे ही आपणे हो या नेरा चे।


143. चुप्‍पी ते खुसी डोन हथियार छी, खोस रहती कई पिरोसानिया चा हल कर सगू ते चोप्‍प रहती कई पिरोसानिया कन्‍नू दूर रह सगू।


144. आपू केवल उमीद ते जकीन पे ही अच्छाई चा पोल्‍ल बणाती बुराई नूं हरा सगू। माया एंजेलो


145. आपा नूं कड्‍डी आपणे दुसमन लारे घणे नी लड़ने चाही छे, नातण ओ आपणिया कमजोरिया नूं सीखती गिही। नेपोलियन बोनापर्ट


146. पुरे मोल्‍ख मां हा दिक्‍कत छे कि समझदार बन्दी हमेसा सोचती रिही, मगर मुरख बन्दी हमेसा आतमजकीन लारे काम करती रिही वी। अनुपम खेर


147. सामणे आल्‍ले नूं कड्‍डी छोटे नी समझणे चाही छे, हो सगे कि उं ता कन्‍नू बडे ढोर हो।


148. जक्‍को बन्दे आपणी बुराई सुणती गिहे वे, आवणे आल्‍ले सम्‍मे मां उं बन्दे सारे मोल्‍ख पे राज करे वे। पण्डित मदन मोहन मालवीय


149. उगते बधणे कल्‍ले सम्‍मे चे पहले काम करणे दरेह ना रिही, बलति वी सम्‍मे चे पहले मन्जल तक पुजणा जरूरी रिहे वे। धीरू भाई अम्‍बानी


150. हा ता हर हालती मां छे कि जक्‍को कई परवां ना करी ओच्‍ची परवां कुई ना करी वी। थामस जैफरसन

पंचांग

वरणमाला केदा

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