101. जक्‍को बन्दे आपे मां रिहे वे, उं कड्‍डी घमन्ड ना करी वी। शेख सादी


102. रूप ते रंग ओ बन्दे नूं आच्छा लागे वे, जाये मां गोण रिही वी। हाल सातवाहन


103. बेन्‍न अनभव आल्‍ला ग्‍यान साफ-सुथरे कागस आल्‍ली कन्‍न रिहे वे। विवेकानन्द


104. हार ओ बेल्हे ना हुवी वी, जिसे बेल्हे आपू ढेती पड़ू वी। हार ओ बेल्हे हुवे वे, जिसे बेल्हे आपू उठणे कन्‍नू मना करती डिऊं वी।


105. अम्हानूं आपणे गेल्‍ले आल्‍ले सम्‍मे चा पछतावा नी करणा चाही छे, ना ही आवणे आल्‍ले सम्‍मे ची चिन्ता करणी चाही छे, समझदार बन्दे ता उं छे जक्‍को हिम्‍मा चे बारे मां सोचे वे।


105. घुस्‍सा हेक सराफ छे, जक्‍को बन्दे खोद्‍द नूं ही डिये वे।


106. जक्‍को बन्दे जोरा-जोरा चे रोला मचाती कन्‍न आपणा घुस्‍सा डिखाणे वे, उं सारा मूं बडे मुरख रिहे वे। ता जक्‍को चोप्‍पचाप रहती कन्‍न खोद्‍द चे घुस्‍से नूं पिती जाये वे, उं बन्दे घणे समझदार रिहे वे।


107. घुस्‍सा बन्दे चे मरणे चा कारण छे, जक्‍को बन्दे खोद्‍द ही बणावे वे।


108. चोप्‍पचाप रहती कन्‍न जक्‍को आपणे घुस्‍से नूं पिती जायी वी, वे हमेसा रिसते ची कदर समझी वी।


109. हे सतगुरू महाराज, तू मन्‍नू देल्‍ल इसड़े डियो कि में सारा नूं माफ कर सगे, आंखिया इसड़िया डियो कि कई वी बुराई ना डेख सगे, ता मन इसड़े डियो कि तन्‍नू कड्‍डी वी ना भुला सगे। निरंकारी संगत


110. बन्दे हेक हट्‍टी आल्‍ली कन्‍न छे, जिबान ओच्‍चा जन्दरा छे, जन्दरा जिसे बेल्हे खुले वे ता ओ बेल्हे पता लागे वे कि हट्‍टी सोने ची छे या कोले ची।


111. अम्हीं हर मिलणे आल्‍ले बन्दे कन्‍नू कस्‍सा ना कस्‍सा सीख सगू पर अमचा दिमाक हमेसा सीखणे कल्‍ले तियार रहणा चाही छे।


112. बन्दे ची सोच ही बन्दे नूं महान बणावे वे ता बन्दे सोच ही बन्दे नूं तले ढावे वे।


113. फल ची इच्छा छोड़ती कन्‍न करम करणे आल्‍ले बन्दे ही आपणी जिन्दगी नूं सफल बणा सगे वे। भागवत गीता


114. बन्दे चे आपणे का छे,
पेदा- नेरआ ने करले,
ना- नेरा ने राखले,
पड़ाले- नेरा ने पड़ाले,
नोकरी- नेरा ने डिल्‍ली,
बन्दे नूं गुस्तान मां नेरे चत्‍ती जाये ता बन्दे फालतू चा घमण्‍ड कां डिखाणे वे।


115. अमची सोच सीसे आल्‍ली कन्‍न होणी चाही छे, सीसा भांजणे चे बाद वी, ओ आपणे मां अमचा थोपड़ा डिखाणना बन्द ना करी वी। धन निरंकार जी


116. हर चीज बदलती जाये वे, खतम कुई ना हुवी वी। अरविन्द घोष


117. काये वी बुरे सोचा ता पहले खोद्‍द ची ही बुरे हुवे वे। दिगम्बर जैनाचार्य विवेक सागर


118. बन्दे नूं ब़ोलणे सीखणे मां तीन साल लागती जायी वी, मगर का ब़ोलणे? हा सीखणे मां सारी उमर लागती जाये वे।


119. नरीकार पे भरोसा राख, नरीकार सारा ची सुणे वे ता सारा ची मदत करे वे। देशराज निरंकारी जी


120. घुस्‍सा हमेसा मुरख बन्दी ही करी वी। अल्बर्ट आंइस्टीन


121. जक्‍को बन्दी खाब डेखी वी, वे हमेसा आपणे खाब नूं पुरे करी वी।


122. अम्हीं डरपोक ओ बेल्हे नी रिहूं, जिसे बेल्हे अम्हीं ओ काम नूं करू जिसे काम नूं करणे कन्‍नू अम्हीं डरू वी।


123. कुई वी काम करणे चे पहले बडे ओखे लागे वे। नेल्सन मंडेला


124. सई रसते पे होणे चे बाद वी अगर तूं उट्‍ठे ब़ेसती रिहे ता कुई गड्‍डी जरूर तन्‍नू तले डिल्‍ली जायी। बिल रोजर्स


125. अम्हीं आपणिया पिरोसानिया नूं ओ सोच लारे खतम ना कर सगू, जिस सोच लारे अम्हीं वान्हूं पेदा करू वी। अल्बर्ट आंइस्टीन

पंचांग

वरणमाला केदा

भासा जागरूकता पोस्टर