51. तसल्ली कड़वी रिहे वे पर विच्‍चा फल मीट्‍ठा हुवे वे। रूसो


52. नरम सुभा चे बन्दे फत्थरां नूं वी मोम बणाती नाखे वे। प्रेमचन्द


53. लक्ख किलोमीटर ची यातरा वी हेक कदम कन्‍नू चालू हुवे वे।


54. पहचाण बणावणे मां बीस साल लागी वी ता विन्‍नू गवावणे मां हेक मेन्ट लागे वे, अगर आपू एच्‍चे बारे मां सोचू ता आपू हर काम अंज तरहांवे लारे करू। वाँरेन बफे


55. अगर पेसा नेरा ची भलाई मां लाउं ता एच्‍ची कोच्छ मोल रिहे वे, नातण हा हेक बुराई चा ढेघ छे, ता ए कन्‍नू जितनी जलति पेन्ड छुटती जाओ ता कई गुणा घणे आच्छे छे। स्वामी विवेकानन्द


56. जिसड़े आपू सोचू, उसड़े आपू बणू। ब्रुस ली


57. कुई वी बन्दे आपणे काम कन्‍नू महान बणे वे ना कि आपणे पेदा कन्‍नू। चाणक्य


58. जिसे बेल्हे प्‍यार ते नफरत डोन्हीं ना रिही वी, ओ बेल्हे हर चीज साफ-सुथरी डिसे वे।


59. बुरे बन्दा मां रहणे कन्‍नू ता हेकले रहणे कई गुणा आच्छे छे। जाँर्ज वांशिगटन


60. आपू बन्द मुक्‍की लारे हाथ ना मिला सगू वी। इंदरा गाँधी


61. ती चीजा नूं बन्दे घणी देर ना लको सगी वी, सुरज, चान्द ता सच। भगवान बुध्‍द


62. अम्हीं उं सब कोच्छ कर सगू, जक्‍को अम्हीं सोचू वी ता अम्हीं उं सब कोच्छ सोच सगू जक्‍को आज तक अम्हीं कोन्हीं सोचले।


63. अमचे लारे उसड़े ही हुवे वे अम्हीं करू वी ता सोचू वी।


64. मरणे जिन्दगी चे अटल सच छे।


67. फूल ची खोसबो हवा लारे खिंडरे वे मगर हेक आच्छी सोच ते घणी मेनत करणे आल्‍ले बन्दे ची बड़ाई चारोमेर हुवे वे।


68. कामयाबी बडी ना रिही वी, विन्‍नू पाणे आल्‍ले बडे रिही वी।


69. तेड़ बडी ना रिही वी। विन्‍नू भरणे आल्‍ले बडे रिही वी।


70. एतहास मां लिखले आल्‍ले छे कि रिसते बडे ना रिही वी, वान्हूं निभावणे आल्‍ले बडे रिही वी।


71. हेक डिवे लारे घणे सारे डिवे ब़ाल सगू मगर बलति वी ओच्‍चे सोजले कम ना हुवी वी। यूं ही खुसिया बाटणे लारे बद्‍धी वी ना कि कम हुवी वी। गौतम बुध्द


72. हा हेक सच छे कि लोक आपा नूं ओ ताणी याद राखे वे, जे ताणी आपणी सांस चलती रिहे वे। सांस चे बन्द हुत्‍ते ही रिसतेदार, यार ता घराल्‍ली वी दूर चाहली जाये वे। आदि शंकराचार्य


73. आपणी कमी नूं अम्हीं खोद्‍द दूर कर सगू, ना कि कुई नेरे करी। नेरे ता वां कम्‍मिया चा फेदा चवी वी। अरविन्द कोच


74. बन्दे ची सोच मातर इतनी छे कि ओन्हूं काण्ही ढोर कहले जत्‍ती ता नराज हुत्‍ती जायी ता सेर कहले जत्‍ती ता खोस्‍स हुत्‍ती जायी।


75. जिसे डियो तम्हीं आपणी सोच नूं बडे करा जत्‍ती, ओ डिया कन्‍नू बडी-बडी बन्दी तमचे बारे मां सोचू लागती जाये।

पंचांग

वरणमाला केदा

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