(141) ब़ाल- ब़ा नूं अमचा नवां पड़ोसी घणा गरीब छे।
ब़ा- तन्नू कींवे पत्ता लागला।
ब़ाल- वाच्चे छोर हेक्के रूपे चा सिक्का खाती गेल्ले ता ओच्ची अय्या चा रोती-रोती कन्न घणा बुरा हाल हुल्ला पल्ला।
(142) ब़ा- पेपर किसड़ा हुल्ला?
छोर- पहला सवाल छुटती गेल्ला, तिजा डा कोन्हीं आल्ला, चोथा करणा ही भुलती गेल्ला ता पांचवा डिसला कोन्हीं।
ब़ा- ता डूज्जा सवाल?
छोर- ब़स ओ ही गलत हुत्ती गेल्ला।
(143) तऊ- पूत मायी दूर ची दीद घणी कमजोर हुत्ती गेल्ली, एनका लावणिया पड़े।
पप्पू- तऊ, ऊपर का चमके पल्ले?
तऊ- सुरज।
पप्पू- नेरे कितनी दूर डेखे तऊ।
(144) हेक वारी हेक जुवान खुवा मां ढेती पल्ला, हेक तऊ उट्ठू जाये पलता ला, जुवान ने भीतरू अवाज डिल्ली, बचावा-बचावा।
तऊ ब़ोड़ला, “अरे, कूण छे रे भऊ?”
जुवान- अस्सी छिऊं।
तऊ- हेक-डोन जिणे हुवा ता काढे आ वी, अस्सी जीणा नूं कूण काढो? पल्ले रिहा भीतर।
(145) हेक डियो पप्पू आपणे यारा नूं ओच्चे घरे मिलू गेल्ला, जिसे बेल्हे पुट्ठे आवणे ची सोचली ता घणे जोरा ची मीं पड़ू लागती गेल्ला।
यार ब़ोड़ला, आज राती चे इट्ठी रुकती जा! सवेले चाहला जाओ, में हेक गद्दड़ नेरा अथरती नाखे माड़ी मां…।
पप्पू- ठीक छे।
ओच्चा यार माड़ी मां गद्दड़ अथरू चाहला गेल्ला, जिसे बेल्हे गद्दड़ अथरती कन्न ब़हारू आल्ला ता पप्पू उट्ठे कोन्हीं भिलता ला। हेक्के घन्टे चे बाद पप्पू भिती कन्न पुट्ठा आल्ला।
यार- अब्बे, किट्ठे चाहला गेलता ला…?
पप्पू- घरे बावड़ू गेलता ला कि आज में दूद्धे घरे रूके पल्ला।
(146) डांत बचावणे चे तीन नुकसे…।
1- डिया चे डोन वारी ब्रोस करो।
2- मीट्ठे खाणे चे बाद हमेसा कुल्ली करो।
तिजा सारा मूं जरूरी…।
घराल्ली लारे मूं सम्भालती कन्न बात करले करो।
(147) रेलगड्डी चे डब़्ब़े मां संता चोप्प चाप ब़ेहलता ला। हा डेखती कन्न बंते कन्नू नी रहले गेल्ले। ओ ब़ोड़ला भऊ संता, दुद्धे रूमाल तले ढेती गेल्ले।
संता- माये रूमाल ढेले, तन्नू एच्चे लारे का मतलब?…दुद्धा कोट घणी देरी चा ब़ीड़ी लारे ब़ले पल्ला, में तन्नू कस्सा ब़ोड़ला।
(148) इस्कूल मां संता घणा पिरोसान हुल्ला फिर्रे ला,
बंते ने पूछले- का बात छे?
संता- अरे यार, सोचत्ती-सोचत्ती कन्न पिरोसान हुत्ती गेल्ला मगर हेक्के सवाल चा जबाब ना लाभी पल्ला।
बंता- मन्नू बावेड़, मां कन्नू जबाब छे।
संता- छोड़ यार, हिम्मा तोणी कुई नी बावेड़ सगले…।
बंता- तू बावेड़ ता सई…।
संता- ता बावेड़, पहले कुकड़ी आल्ली या इण्डी।
बंता- ब़स इतना असान सवाल? ओ यार, जक्को चीज पहले मंगवाली हुवी वा पहले आल्ली हुवी।
(149) मास्टर ने सारा ब़ाला नूं किरकेट मेच पे निबन्ध लिखणे कल्ले कहले।
सारी ब़ाले आपणी कोपी चत्ती कन्न निबन्ध लिखू लागती गेल्ली। मगर संता चोप्पचाप ब़ेसती रहला।
मास्टर ने ओच्ची कोपी चत्ती कन्न डेखली ता विच्चे मां हेक्को लेण लिखली पलती ली ‘मीं ची वजहे कन्नू मेच कोन्हीं खेडला गेल्ला।
(150) पूत- अब्बा में पारटी करणे कल्ले आपणे यारा घरे जा सगे।
ब़ा- मां कन्नू ना पूछ, आपणी अय्या कन्नू पूछ।
अय्या- मां कन्नू ना पूछ। जत्ती कन्न आपणे ब़ा कन्नू पूछ।
पूत- ईं घर छे या कूई बेन्क।
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