सेहरा चे लारे बणले आल्ले , हेक्के बाड़े मां डोन घोड़े रहते । दूरी मूं डेख्खणे पे वे डोन्नी घोड़े हेक्क सिर्रके डिस्सते , पर्र लारे जाणे पे पत्ता लाग्गता कि वाच्चे मूं हेक घोड़ा अन्धा छे । घोड़ा अन्धा हुत्ता मग्गर ओच्चे माल्लिका ने ओन्हूं उठ्ठू नी काडले । ओन्हूं घणी सुरकसा ता अर्रामा लारे राखले । अग्गर कुई कत्तरा जा धियान डिया ता ओन्हूं हा वीं पत्ता लाग्गे आ कि माल्लिका ने नेरे घोड़े ची गिच्ची मां घंटी बाल्हीं आल्ली हुत्ती । विच्ची अवाज सुणती कन्न , अन्धा घोड़ा ओच्चे लारे पुज्जती जत्ता ता ओच्चे भांस्सू-भांस्सू बाड़े मां घुम्मता । घंटी आल्ला घोड़ा वी आपणे अन्धा यारा ची पिरोसान्नी नूं समझता , ऐ साग्गूं ओ बार-बार पुठ्ठे मुड़ती कन्न डेखता कि ओच्चा अन्धा यार आव्वें पल्ला या कोन्हा । ओच्चे बाद ओ उग्गते टुर्रता । यारों , बाड़े चे माल्लिका आल्ली कन्न भग्गवान वी अम्हा नूं ना छोड़ी वी । अमचे मां कई दोस छी बलति वी ओ अमचा खियाल राख्खे वे । अम्हा नूं जिस्से बेल्हे ओच्ची लोहोड़ हुव्वें ता ओ कुई-ना-कुई रुप्पा मां अमची मदद कर्रु आत्ती जाए वे ।
शिक्षा – कड्डी-कड्डी अम्हीं वी अन्धे घोड़े बणती जाऊं वी ता भग्गवान्ना ची बांध्धली आल्ली घंटी लारे आपणी पिरोसान्निया चा हल कर्रु वी । कड्डी अम्हीं आपणी गिच्ची मां बंधली आल्ली घंटी लारे नेरा नूं सई रास्ता डिखाणू वी ।