हेक डियो हेक सिकारी जंग्गला मां सिकारा कल्ले गेल्ला । घणी देरी चे बाद ओण्हे जाला मां हेक बाज पकड़ला । सिकारी बाज्जा नूं चल्ली जाए पल्लता । रसते मां बाज्जा ने सिकारियां नूं कहले , “ तू मन्नू कां चल्ली जाई ।” सिकारी बोड़ला, में तन्नू मारती कन्न खाई । बाज्जा ने सोचले हिम्मा मायी मिरतयू निसचत छे । ओ घणी देर चोप्प-चाप हुत्ती गेल्ला ता बलति सोचती कन्न बोड़ला , में जित्तणे जीणें हुत्ते जिती गेल्ला ता हिम्मा माये मरणे निसचत छे , ए साग्गूं माई हेक इच्छा छे । सिकारी बोड़ला , “बावेड़ आपणी इच्छा ।” बाज बोड़ला , में मरणे चे पहले तन्नू डोन बात्ता बावड़े पल्ला , वान्हूं बड्ड़े धियान्ना लारे सुणती गिहो ता हमेसा वां बात्ता नूं राखणे । पहली बात बिना सोचले समझले कई वी बात्ता पे विस्सवास ना करले कर , डूज्जी बात दुध्धे लारे कुई बुर्रे हुत्ती जाए या कसा हात्था महूं छुट्टती जाए ता ओच्चा कड्डी वी डोख्ख नी होणा चाही छे ।
सिकारियां ने बाज्जा ची बात सुणती कन्न , आपणे रसते पे टुर्रु लाग्गती गेल्ला । घणी देरी चे बाद बाज्जा ने सिकारियां नूं कहले में तन्नू इस्सड़े कसा डिये जक्को तू रात्तों रात अम्मीर बणला जाए ता कां तू मन्नू छोड़ती डिये । सिकारी रुकला ता बोड़ला , जलति बावेड़ छे वां चीज्ज । बाज बोड़ला , कुछ डिये पहले मन्नू हेक हीरा लाभला हुत्ता । ओन्हूं में लक्कोली भिल्ला , आज्ज में मरती जाई ता ओ हीरा बेक्कार चाहला जायी । ए साग्गूं में सोचले अग्गर तू मन्नू डिये ता माई जान बच्चती जाई ता दुध्धी वी गर्रीबी दुर हट्टती जाई । हा बात्त सुणते ही सिकारिया ने बिना सोचले समझले बाज्जा नूं छोड़ति डिल्ले ता ओ हीरा चत्ती आवणे कल्ले कहले । बाज उड्डरती कन्न बणा ची घणी ऊँच्ची डाली पे बेस्सती रेहला ता बोड़ला ,थोड़ी देर पहले में तन्नू डोन बात्ता बावड़लियां हुत्तियां कि बिना सोचले समझले काये पे विस्सवास नी करणा चाही छे । तू माई सीख चा पालन कोन्हीं करला । मां कन्नू कुई हिरा कोन्हीं में हिम्मा अजाद छे । हा बात्त सुणते ही सिकारी पछताव लाग्गती गेल्ला । बाज बलति बोड़ला , तू माई डूज्जी सीख वी भुलति गेल्ला , अग्गर दुध्धे लारे कसा बुर्रे हुत्ती जाए ता ओच्चा कड्डी वी पछतावा नी करणा चाही छे ।