हेक्के जवाना कन्नू हेक घोड़ा ते हेक गाड़े हुत्ते। हेक डियो ओ वान्हूं गां गेहली जाये पलता ला। ओण्हे गाड़े ची कन्डी पे घणा समान लडला जत्ती। घोड़े ची कन्डी पे कुई बार कोन्हीं हुत्ता। रसते मां गाड़े ने घोड़े नू कहले,“ भऊं माय्यी कन्डी पे घणा बार छे। कत्तरा जां बार तूं आपणी कन्डी पे चा जत्ती।
घोड़ा बोड़ला,“ बार घणा छे या घट, माय्ये ऐच्चे लारे कुई डेणे-लेणे कोन्हीं। हा बार दुध्धा छे तन्नूं ही चवणा पड़ी। मन्नू ऐच्चे बारे मां कस्सा ना किहों पल्ला।”
गाड़े हा बात्त सुणती कन्न चोप्प हुत्ती गेल्ले। घणे बारा कन्नू गाड़े चा लता टूरणे कन्नू हलाक हुत्ती गेल्लिया। गाड़े रसते मां ढेती पल्ले। ओच्चे मुंहा मूं झग आऊ लागती गेल्ला। जवाना ने सारा बार गाड़े ची कन्डी कन्नू उतारती कन्न घोड़े ची कन्डी पे लडला जत्ती।
टुरती-टुरती कन्न घोड़ा सोच्चू लागती गेल्ला, अगर में गाड़े ची कन्डी चा कतरा जां बार आपणी कन्डी पे चव्वे आं जत्ती ता कितने आच्छे हुव्वे आ। हिम्मा सारा बार चत्ती कन्न मन्नु गांवां तक जाणे पड़ी।
शिक्षा- डूज्जा चे डुख्खा मां हात्थ बटावणे लारे आपणे डोख्ख घट हुत्ती जायी वी।